Chamunda Chalisa Pdf – श्री चामुण्डा देवी चालीसा

श्री चामुण्डा चालीसा ( Chamunda Chalisa Pdf In Hindi ) We have given the PDF file of Chamunda Chalisa below. If you want, you can download it. Along with this, we have also given the lyrics of Chamunda Chalisa below. You can read them easily.

श्री चामुण्डा चालीसा Pdf ( Chamunda Chalisa Pdf In Hindi )

चामुंडा चालीसा एक प्राचीन चालीसा पाठ है। इसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चामुंडा चालीसा, मां चामुंडा को समर्पित है। इस चालीसा पाठ में मां चामुंडा की कृपा का वर्णन किया गया है।

चामुंडा चालीसा का पाठ करने से भक्तों को मां चामुंडा की कृपा प्राप्त होती है और उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। चामुंडा चालीसा का पाठ करने वाले भक्तों की रक्षा स्वयं मां चामुंडा करती है।

यू तो भक्त चामुंडा चालीसा का पाठ प्रतिदिन कर सकते हैं लेकिन कुछ विशेष अवसरों पर चामुंडा चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है जैसे नवरात्रि के समय पर चामुंडा चालीसा का पाठ करने पर मां चामुंडा की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

चामुंडा माता के हर भक्त को चामुंडा चालीसा का पाठ करना चाहिए। प्रतिदिन चामुंडा चालीसा का पाठ करके हर कोई अपने जीवन को समृद्ध बना सकता है तथा मां चामुंडा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।

Chamunda Chalisa Pdf
PDF NameChamunda Chalisa Pdf
No. of Pages3
PDF Size422 KB
LanguageHindi
Provideraartichalisapdf.com
CategoryReligion & Spirituality

श्री चामुण्डा चालीसा – Chamunda Chalisa Pdf Download

॥ दोहा ॥

नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड ।
दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़ ॥

मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत ।
मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत ॥

॥ चौपाई ॥

नमस्कार चामुंडा माता । तीनो लोक मई मई विख्याता ॥
हिमाल्या मई पवितरा धाम है । महाशक्ति तुमको प्रडम है ॥१॥

मार्कंडिए ऋषि ने धीयया । कैसे प्रगती भेद बताया ॥
सूभ निसुभ दो डेतिए बलसाली । तीनो लोक जो कर दिए खाली ॥२॥

वायु अग्नि याँ कुबेर संग । सूर्या चंद्रा वरुण हुए तंग ॥
अपमानित चर्नो मई आए । गिरिराज हिमआलये को लाए ॥३॥

भद्रा-रॉंद्र्रा निट्टया धीयया । चेतन शक्ति करके बुलाया ॥
क्रोधित होकर काली आई । जिसने अपनी लीला दिखाई ॥४॥

चंदड़ मूंदड़ ओर सुंभ पतए । कामुक वेरी लड़ने आए ॥
पहले सुग्गृीव दूत को मारा । भगा चंदड़ भी मारा मारा ॥५॥

अरबो सैनिक लेकर आया । द्रहूँ लॉकंगन क्रोध दिखाया ॥
जैसे ही दुस्त ललकारा । हा उ सबद्ड गुंजा के मारा ॥६॥

सेना ने मचाई भगदड़ । फादा सिंग ने आया जो बाद ॥
हत्टिया करने चंदड़-मूंदड़ आए । मदिरा पीकेर के घुर्रई ॥७॥

चतुरंगी सेना संग लाए । उचे उचे सीविएर गिराई ॥
तुमने क्रोधित रूप निकाला । प्रगती डाल गले मूंद माला ॥८॥

चर्म की सॅडी चीते वाली । हड्डी ढ़ाचा था बलसाली ॥
विकराल मुखी आँखे दिखलाई । जिसे देख सृिस्टी घबराई ॥९॥

चंदड़ मूंदड़ ने चकरा चलाया । ले तलवार हू साबद गूंजाया ॥
पपियो का कर दिया निस्तरा । चंदड़ मूंदड़ दोनो को मारा ॥१०॥

हाथ मई मस्तक ले मुस्काई । पापी सेना फिर घबराई ॥
सरस्वती मा तुम्हे पुकारा । पड़ा चामुंडा नाम तिहरा ॥११॥

चंदड़ मूंदड़ की मिरतट्यु सुनकर । कालक मौर्या आए रात पर ॥
अरब खराब युध के पाठ पर । झोक दिए सब चामुंडा पर ॥१२॥

उगर्र चंडिका प्रगती आकर । गीडदीयो की वाडी भरकर ॥
काली ख़टवांग घुसो से मारा । ब्रह्माड्ड ने फेकि जल धारा ॥१३॥

माहेश्वरी ने त्रिशूल चलाया । मा वेश्दवी कक्करा घुमाया ॥
कार्तिके के शक्ति आई । नार्सिंघई दित्तियो पे छाई ॥१४॥

चुन चुन सिंग सभी को खाया । हर दानव घायल घबराया ॥
रक्टतबीज माया फेलाई । शक्ति उसने नई दिखाई ॥१५॥

रक्त्त गिरा जब धरती उपर । नया डेतिए प्रगता था वही पर ॥
चाँदी मा अब शूल घुमाया । मारा उसको लहू चूसाया ॥१६॥

सूभ निसुभ अब डोडे आए । सततर सेना भरकर लाए ॥
वाज्ररपात संग सूल चलाया । सभी देवता कुछ घबराई ॥१७॥

ललकारा फिर घुसा मारा । ले त्रिसूल किया निस्तरा ॥
सूभ निसुभ धरती पर सोए । डेतिए सभी देखकर रोए ॥१८॥

कहमुंडा मा ध्ृम बचाया । अपना सूभ मंदिर बनवाया ॥
सभी देवता आके मानते । हनुमत भेराव चवर दुलते ॥१९॥

आसवीं चेट नवराततरे अओ । धवजा नारियल भेट चाड़ौ ॥
वांडर नदी सनन करऔ । चामुंडा मा तुमको पियौ ॥२०॥

॥ दोहा ॥

सरणागत को शक्ति दो हे जाग की आधार ।
‘ओम’ ये नेया दोलती कर दो भाव से पार ॥ 

॥ इति चामुण्डा देवी चालीसा सम्पूर्णम ॥


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चामुण्डा चालीसा पाठ के फायदे

चामुण्डा चालीसा एक प्राचीन चालीसा पाठ है जो मां चामुण्डा को समर्पित है। यह चालीसा अत्यंत शक्तिशाली मानी जाती है और इसके पाठ से भक्तो को विभिन्न प्रकार के लाभ होते है।

चामुण्डा चालीसा के फायदे

  1. शारीरिक और मानसिक शांति: चामुण्डा चालीसा का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक शांति मिलती है। यह मन को शांति प्रदान करती है।
  2. रोगनाशक गुण: चामुण्डा चालीसा के पाठ से रोगों का नाश होता है। यह रोगों को दूर करती है।
  3. कष्टों से मुक्ति: चामुण्डा चालीसा का नियमित पाठ करने से मनुष्य को कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है।
  4. मार्गदर्शन: यह पाठ सही निर्णय लेने में मदद करता है और जीवन में उत्तम मार्गदर्शन प्रदान करता है।
  5. भक्ति और श्रद्धा की बढ़ावा: चामुण्डा चालीसा का पाठ करने से भक्ति और श्रद्धा में वृद्धि होती है।

चामुण्डा चालीसा का पाठ करने से हमारे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। यह मां चामुण्डा की कृपा से हमें सुख और सम्रद्धि की प्राप्ति होती है।

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